“क्या नेपाल की राजनीति विचार से मुक्त होकर केवल प्रबंधन और प्रचार का खेल बनती जा रही है?”
हम बार-बार इस बात पर बल देते रहे कि:
१)राजनीतिक दलों का वैचारिक क्षरण लोकतंत्र के लिए खतरनाक है ।
२)चुनावी सफलता यदि नीतिगत स्पष्टता से कट जाए, तो वह अल्पकालिक होती है
३)राजनीतिक नेतृत्व को “मैनेजर” नहीं, बल्कि विचारशील नेता होना चाहिए